Technical Analysis in hindi

Technical Analysis in hindi- Part 1

आज हम Technical Analysis in hindi के बारे में पढेंगे जिसे हम हिंदी में तकनीकी विश्लेषणके नाम से जानते हैं | और समझेंगे Technical Analysis in hindi को कैसे करें |

दोस्तों हमने अभी तक शेयर बाजार के  बेसिक्स(Basics) पूरी सीरीज के बारे में आपको समझा चुके है मैं उम्मीद करता हूं कि आपने उसके सीरीज के सारे ब्लॉग पढ़ लिया होगा अगर आपने वह ब्लॉग अभी तक नहीं पढ़ा है तो हम आपको यह सलाह देंगे कि पहले वह  पूरी सीरीज पढ़ लें जिससे कि आपको यहां पर समझने में कोई दिक्कत ना आए|

 दोस्तों आज से हम शेयर बाजार से जुड़ी एक नई सीरीज स्टार्ट करने जाते हैं जिसमें हम Technical Analysis in hindi  कैसे करते हैं तथा इसके कितने मुख्य पहलू होते हैं और इनका उपयोग हम ट्रेडिंग में तथा निवेश में करने में कैसे यूज कर सकते हैं यह सारी बातें हम आपको अपनी इस टेक्निकल एनालिसिस सीरीज  में बताएंगे|

 अगर आप इस पूरी सीरीज के बारे में अच्छे से पढ़ना चाहते हैं तो कृपया हमारी वेबसाइट को सब्सक्राइब कर ले जिससे कि जब भी हम कभी भी अपना नया टेक्निकल एनालिसिस से जुड़ा कोई अपडेट करते हैं तो आपके पास नोटिफिकेशन आ जाए आप चाहे तो हमको सोशल नेटवर्किंग साइट जैसे टि्वटर फेसबुक टेलीग्राम में फॉलो कर सकते हैं जहां पर हम अपने ब्लॉग से जुड़ी जानकारी साझा करते हैं |

 हम आपको यह बता देना चाहते हैं कि आपको टेक्निकल एनालिसिस  के बारे में जो भी चीजें हम बताएंगे वह चीजें पहली बात तो आपको अदर वेबसाइट में इंग्लिश में मिलेंगे और जहां पर भी यह जानकारी आपको मिलेगी वहां पर आपको इसके लिए पैसे देने पड़ेंगे परंतु हम जानते हैं कि हमारे बहुत से यूजर टेक्निकल एनालिसिस के बारे में पढ़ना चाहते हैं परंतु  अलग-अलग वेबसाइट में जो इसके मूल्य हैं वह बहुत अधिक है तो इसीलिए हम अपने यूजर्स के लिए स्पेशल ग्रुप पर यह सीरीज बना रहे हैं जहां पर आप टेक्निकल एनालिसिस के बारे में मुफ्त यानी फ्री में ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं |


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 अगर आपको हमारे ब्लॉक से जुड़ी कुछ भी बात अगर नहीं समझ में आती है तो आप हमें कमेंट बॉक्स पर अपने  सवाल लिखकर भेज सकते हैं और यदि आप हमारे ब्लॉक में कुछ सुधार चाहते हैं तो भी आप हमें कमेंट ब्लॉक में कमेंट करके बता सकते हैं यह आप हमें हमारी पर्सनल ईमेल आईडी में मेल भी कर सकते हैं |

चलिए सीरीज के पहले भाग  कोई  शुरू करते हैं और जानते हैं कि तकनीकी विश्लेषण क्या होता है तथा यह क्यों जरूरी होता है ?

Technical Analysis in hindi क्या होता है ?

 दोस्तों हमने अभी तक यह पढ़ा है कि  किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उस कंपनी के बारे में अच्छे से जान लें तथा उस कंपनी के फंडामेंटल्स के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए ,  परंतु किसी भी कंपनी के बारे में जानने के बाद हमें कब उस कंपनी में निवेश करना चाहिए इस बात का हमेशा कन्फ्यूजन बना रहता है ?

 क्या आपको भी यह कमजोर बना रहता है ?

 अगर हां तो हम आपको बताएंगे इस कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आपको टेक्निकल एनालिसिस सीरीज अच्छे से पढ़ना चाहिए जिसमें हम आपको शेयर कब खरीदना तथा कब बेचना हर एक चीज को अच्छे से और विस्तार में बताएंगे |

 आइए जानते हैं Technical Analysis in hindi की किताबें परिभाषा :

“ Technical Analysis (टेक्निकल एनालिसिस) ऐतिहासिक मूल्य चार्ट और बाजार के आंकड़ों का उपयोग करके वित्तीय बाजारों में Price movements की जांच और भविष्यवाणी करने का एक साधन है। यह इस विचार पर आधारित है कि यदि कोई व्यापारी पिछले बाजार के पैटर्न की पहचान कर सकता है, तो वे भविष्य के मूल्य के अनुमानों का काफी सटीक पूर्वानुमान बना सकते हैं।”

 अगर आसान भाषा में समझे तो टेक्निकल एनालिसिस एक प्रकार से ऐतिहासिक मूल्य चार्ट के अनुसार शेयर बाजार में वर्तमान में चल रहा शेयर का मूल्य का एनालिसिस ( मूल्य ऊपर जाएगा या नीचे) तथा उसकी भविष्यवाणी करने का एक  तरीका है |

 इसकी मदद से हम यहां आसानी से जान सकते हैं की बाजार में कब और किस मूल्य पर प्रवेश करना सुरक्षित रहेगा |

तकनीकी विश्लेषण करने के लिए दो चीजें बहुत ज्यादा आवश्यक होती हैं या हम कह सकते हैं कि टेक्निकल एनालिसिस के दो  मुख्य स्तंभ  मूल्य (Price)  और Volume (कुल मात्रा) हैं |

  1. Price (मूल्य) : शेयर का वर्तमान मूल्य
  2. Volume (कुल मात्रा) :  शेयर को बेचने तथा खरीदने की कुल संख्या ( वर्तमान में)
Technical Analysis in hindi
*source-tradingview.com

Technical Analysis in hindi क्यों जरूरी होता है ?

टेक्निकल एनालिसिस क्यों जरूरी होता है इसको हमने नीचे दिए गए कुछ पॉइंट के जरिए समझाने का प्रयत्न किया है :

ऐसा क्या मैं आपको पहले भी बताया है कि शेयर बाजार में फंडामेंटल एनालिसिस के जरिए हम यह जान सकते हैं कि कंपनी अच्छी है या नहीं परंतु हमें उस कंपनी में कब और किस मूल्य पर निवेश करना है इसके लिए हमें TA की जरूरत पड़ती है |

 जैसे हमें यह पता नहीं होता है कि हम शेयर बाजार में इस मूल्य पर शेयर खरीदें उसी प्रकार हमें शेयर बाजार में इस मूल्य पर शेयर को बेचना है इसको भी हम अच्छे से TA के जरिए ही समझ सकते हैं |

इसके अलावा टेक्निकल एनालिसिस के जरिए हम  शेयर बाजार के ट्रेंड को अच्छे से समझ सकते हैं  की  शेयर बाजार अभी UpTrend में है या डाउनट्रेंड (down trend) में है |

 टेक्निकल एनालिसिस इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए बहुत आवश्यक होता है क्योंकि इसमें हम Price Action  की भविष्यवाणी कर सकते हैं जिससे इंट्राडे ट्रेडिंग में बहुत मदद मिलती है |

तकनीकी विश्लेषण की मुख्य बातें 

तकनीकी विश्लेषण के बारे में अभी तक हमने यह जाना कि यह क्या होता है तथा तकनीकी विश्लेषण क्यों जरूरी होता है आइए आप जानते हैं कि इसकी वह कौन सी मुख्य बातें हैं जो इसकी सत्यता को प्रमाणित करती है :

  •  शेयर बाजार के काम करने के तरीकों से ही एक तकनीकी विशेषज्ञ बहुत सी बातों को टेक्निकल एनालिसिस के जरिए समझ सकता है जैसा कि शेयर बाजार के एक बहुत बड़े विशेषज्ञ Jhon J Murphy  अपनी किताब में लिखते हैं

 Market action discount everything 

  •  आपने अगर कभी चार्ट को देखा हो तो यह ध्यान दिया होगा कि हमेशा किसी भी कंपनी का शेयर मूल्य किसी एक  ट्रेंड को फॉलो करता है या तो वह ऊपर जा रहा होगा या नीचे जा रहा होगा  या side movement  दिखा रहा होगा |
  •  आपको  आज हम एक छोटा सा काम देते हैं किसी भी कंपनी का चार्ट या निफ़्टी का चार्ट देखिएगा और गौर करिएगा कि हमेशा एक चार्ट कभी ना कभी  शेयर मूल्य अपने इतिहास की तरह चल रहा होगा |

 History repeat itself 

 हम आपको यह अवगत करा देना चाहते हैं कि किसी भी कंपनी का शेयर मूल्य कई मुख्य कारणों की वजह से चेंज हो सकता है जैसे कि  कंपनी के फंडामेंटल की वजह से या साइकोलॉजिकल वजह से या पॉलिटिकल  वजह से या तो इकोनामिक कंडीशन की वजह से इनमें से कोई भी  रीजन हो सकता है शेयर मूल्य के बदलाव के पीछे |

शेयर बाजार में कंपनी के चार्ट  मे शेयर के मूल्यों में हो रहे बदलाव को तथा किसी भी ट्रेंड (Uptrend, Downtrend, sideways) कुछ शुरुआती दौर में जानने के लिए हम टेक्निकल एनालिसिस की मदद लेते हैं |

तकनीकी विश्लेषण तथा फंडामेंटल एनालिसिस में क्या अंतर होता है ?

Technical Analysis (TA)Fundamental Analysis (FA)
जहां पर TA शेयर के मूल्य तथा शेयर का वॉल्यूम और शेयर बाजार के बर्ताव पर निर्भर करता है और  इन्हीं स्तंभों का उपयोग करके  शेयर के मूल्य तथा  When to buy  की कॉल देता है |FA कंपनी में सप्लाई तथा डिमांड और इकोनॉमिक्स  को देखते हुए कंपनी के बारे में भविष्यवाणी कर सकता है
TA मूल्य बदलने के बाद के इफेक्ट को बताता है मतलब यहां हम इस बात पर गौर नहीं करते हैं कि मूल्य क्यों बदल रहा है बल्कि इस चीज पर फोकस करते हैं उसके बाद का इफेक्ट क्या होगा | शेयर मूल्य क्यों  बदल रहा है उसके कारण को हम FA की सहायता से जान सकते हैं |
TA की मदद से हम शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के साथ-साथ इसको हम लंबी अवधि के निवेश के लिए भी  इस्तेमाल कर सकते हैं |FA को केवल हम लंबी अवधि तथा मध्यम अवधि के निवेश के लिए उपयोग कर सकते हैं परंतु यदि आप इंट्राडे ट्रेडिंग  करते हैं तो यह आपके लिए इतनी उपयोगी नहीं  होगी | 

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तकनीकी विश्लेषण कितने प्रकार से की जा सकती है ?

तकनीकी विश्लेषण के लिए आम तौर पर दो अलग-अलग तरीके होते हैं: टॉप-डाउन (Top down) और बॉटम-अप (Bottom Up). 

अक्सर बार,  छोटी अवधि के निवेशक अथवा ट्रेडर्स Top-Down दृष्टिकोण और  लंबी अवधि के निवेशक Bottom-Up दृष्टिकोण  के तहत एनालाइज करते हैं। 

यह जानते हैं कि टॉप-डाउन (Top down) और बॉटम-अप (Bottom Up) अप्रोच क्या होते हैं ?

  • Top-Down

Top down दृष्टिकोण एक व्यापक आर्थिक विश्लेषण है जो व्यक्तिगत प्रतिभूतियों पर ध्यान केंद्रित करने से पहले समग्र अर्थव्यवस्था को देखता है। एक व्यापारी पहले स्टॉक के मामले में अर्थव्यवस्थाओं, फिर क्षेत्रों, और फिर कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करेगा। 

इस दृष्टिकोण का उपयोग करने वाले व्यापारी लंबी अवधि के मूल्यांकन के विपरीत अल्पकालिक लाभ पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उदाहरण के लिए, एक व्यापारी को उन शेयरों में दिलचस्पी हो सकती है जो खरीद के अवसर के रूप में अपने 50-दिवसीय चलती औसत (50 days moving average) से टूट गए।

  • Bottom-Up :

Bottom-Up दृष्टिकोण एक व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण के विपरीत व्यक्तिगत स्टॉक पर केंद्रित है। इसमें एक शेयर का विश्लेषण करना शामिल है जो संभावित प्रवेश और निकास बिंदुओं के लिए मौलिक रूप से दिलचस्प है। 

उदाहरण के लिए, एक निवेशक एक डाउनट्रेंड में एक अविकसित स्टॉक पा सकता है और एक विशिष्ट प्रवेश बिंदु की पहचान करने के लिए तकनीकी विश्लेषण का उपयोग कर सकता है जब स्टॉक नीचे हो सकता है। वे अपने निर्णयों में मूल्य चाहते हैं और अपने ट्रेडों पर दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखने का इरादा रखते हैं।

तकनीकी विश्लेषण भाग-1 का निष्कर्ष 

 हमने टेक्निकल एनालिसिस भाग-1 इनमें बहुत सी मुख्य बातों को अभी तक जान लिया है आइए हम आपको अब कुछ पॉइंट के माध्यम से यह बताएंगे कि इस पूरे ब्लॉग का क्या निष्कर्ष है :

  1. तकनीकी विश्लेषण बाजारों पर एक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए एक लोकप्रिय तरीका है। इसके अलावा, Technical Analysis (TA) मूल्य के  प्रवेश और निकास बिंदुओं की पहचान करने में भी मदद करता है |
  2. Technical Analysis (TA) की मदद से हम शेयर बाजार के चार्ट पैटर्न में होने वाले बदलावों को अच्छे से समझ सकते हैं  तथा मूल्य की भविष्यवाणी भी कर सकते हैं |
  3. पैटर्न चार्ट के भीतर बनते हैं और ये पैटर्न एक व्यापारी को व्यापारिक अवसरों की पहचान करने में मदद करते हैं |
  4. छोटी अवधि के निवेश तथा इंट्राडे ट्रेडिंग में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका टेक्निकल एनालिसिस की ही होती है | 

♣आज आपने क्या सीखा♣

दोस्तों आज हमने सीखा Technical Analysis in hindi part 1 और यह कैसे कार्य करता है बहुत कुछ जाना आगे हम इसका दूसरा भाग भी समझेंगे |

दोस्तों हमने इस आर्टिकल Technical Analysis in hindi इसको इस प्रकार लिखा है की आपको कंही भी दूसरी जगह भटकने की बिलकुल भी जरूरत नहीं पड़ेगी 

दोस्तों सिर्फ यही आर्टिकल नहीं हमने अपने ब्लॉग में सभी आर्टिकल को इस प्रकार लिखा है की आसानी से कोई भी समझ सकता है 

बस हमें आपका पूर्ण सहयोग चाहिए जिससे की हम आपको नए नए आर्टिकल पढने के लिए दे सकें 

अपने दोस्तों ,रिश्तेदारों,पड़ोसियों को खूब शेयर करें जिससे की हमें लिखने के लिए उत्साह मिलेगा  

अगर आपको यह लेख पढ़ने में मज़ा आया और  यदि आपके पास कोई प्रश्न है तो आप इसे  Comment Box में लिख सकते हैं। आपके  नए अनुभव के लिए शुभकामनाएँ और हमेशा आगे  बढ़ते रहें |

FAQ

जवाब :   बहुत सालों की रिसर्च और एतहासिक डाटा को पढने के बाद विशेषज्ञयो ने तकनीकी विश्लेषण(TA) का जात किया है क्युकि इतने सालो में सब कुछ बदलता हैं परन्तु लोगो के पैसो के प्रति भावना वैसे की वैसे है इसीलिए आज भी तकनीकी विश्लेषण(TA)  उतना ही कारगर है |

जवाब :  हमने अक्सर सुना है एक से भले दो वह चीज यहाँ पर भी लागू होती है अगर तकनीकी विश्लेषण (TA) से आपके 30 परसेंट trade सही निकलते है तो अगर आप फंडामेंटल विश्लेषण (FA) उसमे जोड़ देंगे तो यह आकडा 65 से 70 तक भी पहुच सकता है जो लोग आपको यह बोलते है कि आप हमेशा शेयर बाज़ार में सही हो सकते है तो वह गलत बोलते है | हम आपको पूरी सचाई बताते है |

जवाब : यहा पर मेरा जवाब है हां क्यूकी तकनीकी विश्लेषण (TA) की मदद से ही आप शेयर बाज़ार में शेयर को कब खरीदना है और कब बेंचना है आसानी से समझ सकते है क्यकी यहा पर आपको तमाम तरह के इंडिकेटर मिलते है जो आपको यह समझने में आसानी से मदद कर सकते है आगे के भागो में हम हर एक इंडिकेटर को विस्तार से समझेंगे |

जवाब : बिलकुल नही , कोई भी जिसको कच्छा 5 तक की मैथ आती हो बस वह भी विश्लेषण (TA) को आसानी से समझ सकता है तथा अपने लिए अच्छा मुनाफा भी कमा सकता है |

जवाब :  तकनीकी विश्लेषण (TA) की मदद से हम शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के साथ-साथ इसको हम लंबी अवधि के निवेश के लिए भी  इस्तेमाल कर सकते हैं, परन्तु अगर आप तकनीकी विश्लेषण (TA) के साथ साथ  अगर फंडामेंटल विश्लेषण (FA) भी जोड़ देंगे तो आपके गलत होने की Possibility बहुत कम हो जाती है 

2 thoughts on “Technical Analysis in hindi- Part 1”

    1. जी सर | आप हमारा टेलीग्राम चैनल जरुर ज्वाइन करे हम अपनी सभी पोस्ट्स की अपडेट तथा अन्य बाते वन्ही पर शेयर करते हैं |

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